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बाबा की चार आरती — ककड़, मध्याह्न, धूप और शेज का महत्व (2026)

🚩 बाबा की चार आरती — ककड़, मध्याह्न, धूप और शेज का महत्व

शिर्डी में हर दिन बाबा की चार आरती होती हैं — सुबह से रात तक, चार अलग-अलग समय पर। ये सिर्फ़ पूजा नहीं, बल्कि बाबा के प्रति उस अपार प्रेम का प्रतीक हैं, जिसमें भक्त बाबा को एक जीवंत सत्ता मानकर, सुबह जगाने से लेकर रात सुलाने तक उनकी सेवा करते हैं। आइए, इन चार आरतियों का समय और महत्व समझें।

🕰️ एक नज़र में — चार आरती

ककड़ आरती (सुबह)~4:30-5:00 AM
मध्याह्न आरती (दोपहर)12:00 PM
धूप आरती (शाम)~6:30 PM (सूर्यास्त)
शेज आरती (रात)~10:30 PM

🌅 1. ककड़ आरती — सुबह की पहली आरती

ककड़ का अर्थ है मशाल या बाती। यह दिन की पहली आरती है, जिससे बड़े प्रेम से बाबा को जगाया जाता है — जैसे कोई अपने प्रियजन को सुबह उठाता है। रातभर के विश्राम के बाद बाबा का आवाहन और मंदिर के दिन की शुरुआत इसी आरती से होती है।

☀️ 2. मध्याह्न आरती — दिन की मुख्य पूजा

यह दिन के मध्य की आरती है। कहते हैं यही वह समय था जब बाबा भिक्षा से लौटकर विश्राम करते थे। दोपहर की यह आरती बाबा की मुख्य दिन-पूजा मानी जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।

🌇 3. धूप आरती — शाम की सुगंधित आरती

धूप यानी सुगंधित धुएँ और अगरबत्ती से की जाने वाली संध्या आरती। जैसे दिन ढलता है, बाबा के प्रति कृतज्ञता और संध्या-वंदन का यह क्षण होता है। दीपों और धूप की सुगंध में मंदिर का वातावरण शांत और पवित्र हो उठता है।

🌙 4. शेज आरती — रात की अंतिम आरती

शेज का अर्थ है शय्या (बिस्तर)। यह दिन की अंतिम आरती है, जिसमें बड़े प्रेम से बाबा को विश्राम के लिए सुलाया जाता है — ठीक वैसे ही जैसे कोई अपने प्रियजन को रात को सुलाता है। इसी के साथ मंदिर का दिन पूरा होता है।

🙏 इन चार आरतियों का गहरा अर्थ

ग़ौर करें — ये चार आरती बाबा के पूरे दिन को ऐसे सँवारती हैं मानो बाबा आज भी हमारे बीच सशरीर विराजमान हों: सुबह जगाना, दोपहर सेवा, संध्या वंदन, और रात सुलाना। यही शिर्डी की भक्ति की सबसे सुंदर बात है — यहाँ बाबा कोई दूर के देवता नहीं, बल्कि घर के अपने, जीवंत सद्गुरु हैं।

🎟️ आरती पास कैसे बुक करें (आसान स्टेप्स)

कुछ आरतियों (ख़ासकर ककड़ और शेज) में सीमित जगह होती है, इसलिए पास पहले से बुक करना पड़ता है:

  • ऑफिशियल पोर्टल खोलें: online.sai.org.in (यही एकमात्र अधिकृत साइट है)।
  • मोबाइल नंबर और वैध फ़ोटो आईडी से अकाउंट बनाएँ / लॉगिन करें।
  • Aarti विकल्प चुनें।
  • तारीख और आरती (ककड़ / मध्याह्न / धूप / शेज) चुनें।
  • सभी भक्तों के नाम आईडी अनुसार भरें (एक बार में अधिकतम 4)।
  • ऑनलाइन भुगतान करें — ककड़ आरती ₹600, बाक़ी आरती ₹400 प्रति व्यक्ति।
  • पास डाउनलोड कर प्रिंट कर लें; प्रवेश पर वही ओरिजिनल आईडी साथ रखें।

बुकिंग यात्रा से करीब 60 दिन पहले खुलती है, और गुरुवार व सप्ताहांत के पास जल्दी भर जाते हैं — इसलिए तारीख तय होते ही बुक कर लें। (आरती के समय व शुल्क मौसम/त्योहार पर थोड़े बदल सकते हैं — पोर्टल पर पुष्टि कर लें।)

स्क्रीनशॉट के साथ पूरी step-by-step प्रक्रिया, edge cases और refund के नियमों के लिए हमारी विस्तृत शिर्डी आरती पास बुकिंग गाइड पढ़ें

बुज़ुर्ग और बच्चे
ककड़ आरती सुबह 4:30-5 बजे और शेज रात 10:30 बजे होती हैं। दोनों का अनुभव जीवन में एक बार ज़रूर करना चाहिए — लेकिन बुज़ुर्गों और छोटे बच्चों के लिए मध्याह्न या धूप आरती ज़्यादा आसान रहती है, और मंदिर का पूरा माहौल वहाँ भी मिलता है।

🏨 आरती में शामिल होना चाहते हैं? — मंदिर के पास रुकें

सुबह जल्दी और रात देर की आरती के लिए मंदिर के पास रुकना सबसे अच्छा रहता है — 4 बजे टैक्सी की भागदौड़ नहीं, 11 बजे रात लौटने की चिंता नहीं।

TripSaffron पर शिर्डी के verified हॉटेल मिलते हैं — असली फ़ोटो, मंदिर से असली दूरी, और 24 घंटे पहले तक free cancellation। पैदल दूरी वाला होटल चुनें, और आरती के समय की टेंशन ख़त्म।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हर दिन कितनी आरती होती हैं?
चार — ककड़ (~4:30 AM), मध्याह्न (दोपहर 12), धूप (~6:30 PM), और शेज (~10:30 PM)।
क्या हर आरती के लिए पास चाहिए?
हाँ — आरती के दौरान मंदिर के अंदर जाने के लिए। online.sai.org.in पर बुक करें।
कौन-सी आरती में सबसे ज़्यादा भीड़ रहती है?
दोपहर की मध्याह्न आरती में। गुरुवार और सप्ताहांत के पास सबसे पहले भरते हैं।
क्या बिना पास दर्शन हो सकते हैं?
हाँ — सामान्य दर्शन के लिए पास ज़रूरी नहीं। आरती पास सिर्फ़ आरती के समय अंदर बैठने का है।
बुकिंग कितनी पहले खुलती है?
यात्रा से करीब 60 दिन पहले, ऑफिशियल पोर्टल पर।
निष्कर्ष
कोशिश करें कि इनमें से एक आरती में तो ज़रूर शामिल हों। ककड़ और शेज सबसे भावुक अनुभव हैं — बाबा को जगाना और सुलाना — पर बहुत जल्दी या बहुत देर का समय है। मध्याह्न दिन की मुख्य पूजा है। पास पहले से बुक कर लें, मंदिर के पास ठहरें, और बाक़ी बाबा पर छोड़ दें। ॐ साईं राम। 🙏

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