Everything was well planned
दोनों ज्योतिर्लिंग, द्वारका में दो रातें, और हर दर्शन मंदिर के असली खुलने के समय के हिसाब से।
गाड़ी पूरी ट्रिप आपके साथ रहती है और वापस छोड़ती है
यह प्लान आपके समय के अनुसार बदला जा सकता है।
सुबह आठ बजे टैक्सी आपके राजकोट के होटल, घर, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पहुँचती है। सामान रखकर जामनगर की ओर NH-27 पर सफर शुरू।
आधे घंटे का ठहराव, जहाँ दशकों से बिना रुके राम धुन चल रही है। यहाँ चाय, फिर आगे का सफर।
जामनगर-द्वारका रोड पर बैठकर खाने का ठहराव। शुद्ध शाकाहारी गुजराती थाली।
होटल में चेक-इन और आराम। दोपहर में मंदिर बंद रहता है, इसलिए यह समय जानबूझकर आराम के लिए रखा गया है।
बुकिंग में मदद चाहिए?
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राजकोट में शाम साढ़े चार से पाँच बजे के बीच। आगे की ट्रेन या फ्लाइट शाम की बुक करें। दोपहर की बुकिंग का मतलब है सोमनाथ का सुबह का दर्शन छोड़ना।
नहीं। सोमनाथ में सख्त सुरक्षा है और पानी की बोतल छोड़कर सब कुछ बाहर लॉकर में रखना होता है, जो मुफ्त हैं। द्वारकाधीश में भी मोबाइल, कैमरा या बैग अंदर नहीं ले जा सकते। ड्राइवर आपको काउंटर तक पहुँचा देगा।
हर दोपहर एक बजे से पाँच बजे तक भगवान के विश्राम के लिए। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग साढ़े बारह से पाँच बजे तक बंद रहता है। यह पूरा कार्यक्रम इन्हीं दोनों के हिसाब से बना है, इसीलिए द्वारका के दर्शन शाम और भोर में रखे गए हैं।
नहीं। सुदर्शन सेतु फरवरी दो हजार चौबीस में खुला और गाड़ियाँ पुल से पार जाती हैं। टैक्सी द्वीप की तरफ पार्क होती है और मंदिर तक छोटा आखिरी हिस्सा लोकल वाहन से तय होता है।
दोपहर और रात का भोजन, निजी खर्च, मंदिरों में कोई पूजा, अभिषेक या सेवा बुकिंग, कीर्ति मंदिर की एंट्री टिकट, सोमनाथ लाइट एंड साउंड शो की टिकट, और जो कुछ भी शामिल सूची में नहीं लिखा है।
मंदिर शाम पाँच बजे उत्थापन दर्शन के लिए फिर खुलता है। मोबाइल, कैमरा और बैग गाड़ी में या काउंटर पर ही रहेंगे।
द्वारकाधीश की संध्या आरती। थोड़ा पहले पहुँचें ताकि आँगन के बजाय सभा मंडप में जगह मिले।
आरती के बाद घाट तक और पुल पार टहलना, अगर यात्रियों में अभी भी ताकत बची हो।
नाश्ते के बाद ओखा और सुदर्शन सेतु की ओर। एक तरफ करीब एक घंटा।
सन दो हजार चौबीस में पुल बन जाने से अब नाव की लाइन नहीं लगती। गाड़ी द्वीप की तरफ पार्क होती है और मंदिर तक आखिरी हिस्सा लोकल वाहन से।
यात्रा का दूसरा ज्योतिर्लिंग, द्वारका-ओखा रोड पर, परिसर में विशाल शिव प्रतिमा के साथ। साढ़े बारह बजे बंद होने से पहले पहुँचना।
द्वारका लौटते समय श्रीकृष्ण की पटरानी के मंदिर पर छोटा ठहराव।
होटल लौटकर भोजन, और पूरी दोपहर अभी बाकी।
आराम, या शिवराजपुर बीच, या बाजार। कुछ तय नहीं। तीन दिन के टूर में यह दोपहर नहीं मिलती।
पूरी यात्रा का सबसे शांत दर्शन, दिन की भीड़ आने से पहले। बाद में होटल में नाश्ता।
चेक-आउट और NH-51 पर समुद्र किनारे दक्षिण की ओर, पोरबंदर करीब दो घंटे।
गांधीजी का जन्मस्थान, जो अब संग्रहालय है, और पास ही सुदामा मंदिर। यहाँ डेढ़ घंटा, सिर्फ फोटो खींचकर आगे नहीं।
मांगरोल और वेरावल होते हुए लंबे दूसरे हिस्से से पहले भोजन।
होटल में चेक-इन और शाम से पहले आराम का समय। द्वारका के विपरीत सोमनाथ दोपहर में खुला रहता है।
प्रथम ज्योतिर्लिंग की संध्या आरती, पीछे अरब सागर। पानी की बोतल छोड़कर बाकी सब बाहर मुफ्त लॉकर में।
आरती के तुरंत बाद मंदिर परिसर में एक घंटे का शो। तेज बारिश में नहीं चलता।
सुबह की आरती, फिर परिसर के शांत रहते इत्मीनान से दूसरा दर्शन।
प्रभास पाटण के तीनों स्थान, मंदिर से कुछ ही किलोमीटर पर। साढ़े नौ बजे तक नाश्ते के लिए वापसी।
केशोद और जूनागढ़ होते हुए अंदरूनी रास्ता, करीब एक सौ नब्बे किलोमीटर।
रास्ते में भोजन, दोपहर में गोंडल से होकर आगे।
जलाराम बापा के मंदिर पर वैकल्पिक दर्शन, जहाँ पीढ़ियों से हर आने वाले को मुफ्त भोजन मिलता है।
देर दोपहर तक आपके राजकोट के पते, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर ड्रॉप। आगे की यात्रा शाम की बुक करें, दोपहर की नहीं।
हाँ, दोनों लौटते समय पाँचवें दिन के रूप में जुड़ सकते हैं। गिरनार के लिए जूनागढ़ में एक रात चाहिए और रोपवे सुबह आठ बजे से शाम पाँच बजे तक चलता है। गीर सफारी के परमिट पहले से बुक कराने पड़ते हैं। बुकिंग के समय बता दें।
अक्टूबर से मार्च। समुद्र किनारे की सड़कें सबसे अच्छी हालत में रहती हैं और मौसम सुहावना। मानसून में सोमनाथ का लाइट एंड साउंड शो अक्सर रद्द हो जाता है।
हाँ। कोई दिन साढ़े छह बजे से पहले शुरू नहीं होता, सबसे लंबी ड्राइव करीब दो सौ पैंतीस किलोमीटर है, और दोनों ज्योतिर्लिंग समतल जमीन पर हैं, कोई चढ़ाई नहीं। सिर्फ बेट द्वारका में पार्किंग से मंदिर तक थोड़ा चलना पड़ता है।
राजकोट से द्वारका सोमनाथ टूर पैकेज — 4 दिन 3 रात का rate call/WhatsApp पर मिलेगा (per vehicle, per group — per person नहीं). Fixed fare, ईंधन/टोल/पार्किंग/ड्रायव्हर भत्ता सब शामिल. पहुँच पर सीधे payment.
राजकोट से द्वारका सोमनाथ टूर पैकेज — 4 दिन 3 रात में Bala Hanuman Temple, Dwarkadhish Temple, Beyt Dwarka, Nageshwar Jyotirling temple जैसी जगहें cover होती हैं. सारे stops पर ड्रायव्हर रुकता है — दर्शन/photos/खाने का समय आपका.