Guide5 मिनट पढ़ें·9 जून 2026· views

गुरु पूर्णिमा 2026 शिर्डी: तारीख़ और यात्रा गाइड

गुरु पूर्णिमा शिर्डी के तीन सबसे बड़े उत्सवों में से एक है, और 2026 में यह बुधवार, 29 जुलाई को है। इस दिन साईबाबा के समाधि मंदिर में लाखों भक्त पहुँचते हैं। अगर आप इस बार गुरु पूर्णिमा पर शिर्डी जाने की सोच रहे हैं, तो यह गाइड आपके पूरे प्लान के लिए है — तारीख़ से लेकर दर्शन, भीड़ और ठहरने तक।

मुख्य दिन
बुधवार, 29 जुलाई 2026। संस्थान का उत्सव आगे-पीछे लगभग 3 दिन चलता है — 28 से 30 जुलाई सबसे ज़्यादा भीड़।
शिर्डी के 3 बड़े उत्सवों में से एक
राम नवमी, गुरु पूर्णिमा, विजयादशमी (पुण्यतिथि)। गुरु पूर्णिमा को कई भक्त सबसे भावुक दिन मानते हैं।
उत्सव में क्या होता है
बाबा का अभिषेक + विशेष पूजा, द्वारकामाई में सत्चरित्र का अखंड पारायण, साईबाबा की पालकी, महाप्रसाद और भजन।

📅 गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?

इस साल गुरु पूर्णिमा बुधवार, 29 जुलाई 2026 को है। पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई की शाम शुरू होकर 29 जुलाई की शाम तक रहती है। शिर्डी संस्थान का उत्सव आमतौर पर मुख्य दिन के आगे-पीछे लगभग तीन दिन चलता है, इसलिए भीड़ 28 से 30 जुलाई के बीच सबसे ज़्यादा रहती है। हर साल की सटीक तारीख़ और कार्यक्रम के लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट sai.org.in देखें।

🛕 शिर्डी में गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता का दिन है। शिर्डी में इसकी जड़ें ख़ुद बाबा के समय से जुड़ी हैं — भक्तों ने पहली बार बाबा की व्यास पूजा की थी, और वही परंपरा आज एक बड़े उत्सव का रूप ले चुकी है। संस्थान हर साल तीन बड़े उत्सव मनाता है: राम नवमी, गुरु पूर्णिमा और विजयादशमी (पुण्यतिथि)। इनमें गुरु पूर्णिमा भक्तों के लिए सबसे भावुक दिनों में से एक मानी जाती है।

🌅 उत्सव में क्या होता है?

इन दिनों समाधि मंदिर देर रात तक खुला रहता है और पूरा शिर्डी भक्ति में डूबा रहता है। मुख्य आयोजन कुछ इस तरह होते हैं:

  • बाबा का अभिषेक और विशेष पूजा
  • द्वारकामाई में श्री साई सत्चरित्र का अखंड पारायण
  • साईबाबा की पालकी (पालखी)
  • महाप्रसाद और सामूहिक भजन

👥 भीड़ कितनी होती है, कब जाएँ?

आम दिनों में भी शिर्डी में रोज़ हज़ारों भक्त आते हैं, लेकिन उत्सव के दिनों में यह संख्या लाखों तक पहुँच जाती है। अगर आप परिवार के साथ शांति से दर्शन चाहते हैं, तो मुख्य दिन (29 जुलाई) से एक-दो दिन पहले या बाद में पहुँचने की कोशिश करें। सुबह की ककड़ आरती के समय कतार अपेक्षाकृत व्यवस्थित रहती है। बुज़ुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हों तो दोपहर की तेज़ धूप और लंबी लाइन दोनों से बचने की योजना बनाएँ।

🎟️ दर्शन और आरती की तैयारी

दर्शन और आरती पास के लिए संस्थान की वेबसाइट online.sai.org.in पर पहले से बुकिंग कर लें — इसके लिए आधार ज़रूरी है। पूरी step-by-step प्रक्रिया और मौजूदा पास की क़ीमतें यहाँ देखें: शिर्डी आरती पास बुकिंग गाइड। बुज़ुर्ग और दिव्यांग भक्त गेट नंबर 7 से प्रवेश ले सकते हैं। उत्सव के दिनों में लाइन लंबी होती है, इसलिए हल्का सामान रखें, पानी साथ रखें, और अपने जूते-चप्पल के लिए तय जगह का ध्यान रखें।

🏨 शिर्डी में कहाँ रुकें?

उत्सव के दिनों में मंदिर के पास के होटल सबसे पहले भर जाते हैं — इसलिए तारीख़ तय होते ही बुकिंग कर लें। कोशिश करें कि आप मंदिर के पैदल दूरी पर रुकें, ताकि उत्सव की भीड़ और ट्रैफ़िक में बार-बार आना-जाना न पड़े। TripSaffron पर शिर्डी के verified hotels मिलते हैं — असली फ़ोटो, असली दूरी, और कोई छुपा शुल्क नहीं। मराठी और हिंदी, दोनों में बात हो सकती है।

बुकिंग के लिए: tripsaffron.com/search?city=shirdi

यात्रा से पहले चेकलिस्ट
आधार (दर्शन पास के लिए), पानी की बोतल, हल्के सूती कपड़े, प्रसाद/उदी के लिए छोटा थैला, होटल कन्फ़र्मेशन का स्क्रीनशॉट।

🙏 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?
बुधवार, 29 जुलाई 2026।
क्या उस दिन दर्शन में बहुत भीड़ होती है?
हाँ, उत्सव के दिनों में लाखों भक्त आते हैं। शांति चाहिए तो मुख्य दिन से एक-दो दिन आगे-पीछे जाएँ।
क्या दर्शन पास पहले से बुक करना ज़रूरी है?
ऑनलाइन पास (online.sai.org.in) से इंतज़ार काफ़ी कम हो जाता है। आधार साथ रखें।
होटल कब बुक करें?
तारीख़ तय होते ही — उत्सव के दिनों में मंदिर के पास के होटल जल्दी भर जाते हैं।
मंदिर के कितने पास रुकना चाहिए?
पैदल दूरी पर रुकना सबसे सुविधाजनक है, ताकि उत्सव की भीड़ में बार-बार वाहन का झंझट न हो।

निष्कर्ष

गुरु पूर्णिमा पर शिर्डी का माहौल अलग ही होता है — पालकी, अखंड पारायण और लाखों भक्तों की श्रद्धा। बस मुख्य तारीख़ (29 जुलाई 2026) पहले से नोट कर लें, दर्शन पास और होटल समय रहते बुक कर लें, और बाक़ी बाबा पर छोड़ दें। आपकी यात्रा मंगलमय हो। 🚩

Was this helpful?

🙏 ॐ साईं राम।

सबसे ज़्यादा पढ़ी जाने वाली

यह भी पढ़ें

YATRA GUIDES

Researched for Yatris, not tourists.

Walking distances, darshan timings, where to stay, and how to reach — every yatra question, answered.

View all Guides