Guide8 मिनट पढ़ें·16 जुलाई 2026· views

नासिक कुंभ मेला 2027 — शाही स्नान की तिथियाँ

बारह साल में एक बार आने वाला यह पावन अवसर फिर नज़दीक है। नासिक–त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 भारत के सबसे बड़े और पवित्रतम आयोजनों में से एक है, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु, साधु-संत और अखाड़े गोदावरी के तट पर पवित्र स्नान के लिए एकत्र होते हैं।

अगर आप इस दिव्य अवसर का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो सबसे पहले तिथियाँ जान लेना ज़रूरी है — क्योंकि यात्रा और ठहरने की बुकिंग महीनों पहले से भरने लगती है। यह गाइड आपको सभी प्रमुख तिथियाँ, स्थान और ज़रूरी जानकारी विस्तार से देती है।

सिंहस्थ कुंभ क्या है — और 2027 में ही क्यों?

नासिक का कुंभ ‘सिंहस्थ कुंभ’ कहलाता है। यह तब शुरू होता है जब देवगुरु बृहस्पति (गुरु ग्रह) सिंह राशि में प्रवेश करते हैं — इसीलिए इसका नाम सिंहस्थ पड़ा। यह हर बारह साल में एक बार आता है; पिछला 2015 में हुआ था, और 2027 के बाद अगला 2039 में आएगा। यानी यह एक बार चूकने पर बारह साल का इंतज़ार है।

कुंभ की समयावधि — एक नज़र में

  • ध्वजारोहण (औपचारिक शुरुआत) — 31 अक्टूबर 2026, रामकुंड (नासिक)
  • मुख्य स्नान पर्व — अगस्त–सितंबर 2027
  • समापन — 24 जुलाई 2028

यानी यह पूरा आयोजन करीब 21 महीने तक चलता है, पर सबसे महत्वपूर्ण शाही स्नान 2027 में होते हैं।

तीन शाही (अमृत) स्नान — सबसे पावन तिथियाँ

कुंभ का हृदय है ‘शाही स्नान’, जिसे अब ‘अमृत स्नान’ भी कहा जाता है। इन दिनों अखाड़ों के साधु-संत भव्य शोभायात्रा के साथ सबसे पहले स्नान करते हैं, और उसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए घाट खुलते हैं। ये तीन तिथियाँ सबसे महत्वपूर्ण हैं:

  • पहला अमृत स्नान — 2 अगस्त 2027 (सोमवार) — श्रावण सोमवती अमावस्या। मुख्य स्नान-पर्व की औपचारिक शुरुआत।
  • दूसरा / मुख्य अमृत स्नान — 31 अगस्त 2027 — श्रावण अमावस्या। आध्यात्मिक दृष्टि से सबसे पावन और सबसे भीड़भाड़ वाला दिन।
  • तीसरा / अंतिम अमृत स्नान — 11 सितंबर 2027 (रामकुंड, नासिक) और 12 सितंबर 2027 (कुशावर्त कुंड, त्र्यंबकेश्वर) — भाद्रपद शुक्ल एकादशी। शाही स्नान चक्र का समापन।
यात्रा से पहले तिथियाँ confirm करें
ये तिथियाँ पारंपरिक ज्योतिषीय गणना पर आधारित हैं। अंतिम मुहूर्त अखाड़ा परिषद और नासिक–त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) द्वारा आयोजन के नज़दीक तय किए जाते हैं। बुकिंग से पहले आधिकारिक घोषणा ज़रूर देख लें।

पर्व स्नान — कम भीड़ में पुण्य का अवसर

अगर आप शाही स्नान की भारी भीड़ से बचना चाहते हैं, तो जुलाई से सितंबर 2027 के बीच कई अन्य ‘पर्व स्नान’ (शुभ स्नान तिथियाँ) भी आती हैं — जैसे कर्क संक्रांति, गुरु पूर्णिमा और ऋषि पंचमी। इन दिनों भी स्नान का पूरा पुण्य मिलता है, पर भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है। परिवार या बुज़ुर्गों के साथ आ रहे हों, तो यह बेहतर विकल्प है।

दो पवित्र स्थान — नासिक और त्र्यंबकेश्वर

नासिक कुंभ की एक ख़ास बात यह है कि यह दो जगहों पर होता है:

  • नासिक — गोदावरी के तट पर रामकुंड में स्नान (पंचवटी क्षेत्र)।
  • त्र्यंबकेश्वर — कुशावर्त कुंड में स्नान, जहाँ से गोदावरी का उद्गम है; यहीं बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर भी है।

ये दोनों स्थान करीब 28–30 किमी दूर हैं। अलग-अलग अखाड़े इन दोनों स्थानों पर स्नान करते हैं। इसलिए अपनी स्नान-तिथि और स्थान पहले से तय कर लें, और उसी के पास ठहरने की योजना बनाएँ। दोनों शहरों की जानकारी के लिए नासिक में घूमने की जगहें गाइड देखिए।

कितनी बड़ी है यह भीड़?

2015 के नासिक कुंभ में करीब 7.5 करोड़ श्रद्धालु आए थे, और 2027 में यह संख्या इससे भी ज़्यादा होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए हज़ारों करोड़ का बजट और ‘स्मार्ट कुंभ’ की तैयारी की है — सड़कों, एयरपोर्ट और सुविधाओं का बड़ा विस्तार हो रहा है। साधुओं के लिए 377 एकड़ में साधुग्राम बसाया जा रहा है, और शिर्डी–नासिक–त्र्यंबकेश्वर हेलिकॉप्टर सर्किट की भी योजना है।

स्नान वाले दिन — क्या उम्मीद रखें

शाही स्नान के दिन भीड़ चरम पर होती है। आमतौर पर निजी वाहन मुख्य क्षेत्र से करीब 15 किमी पहले ‘आउटर पार्किंग’ पर रोक दिए जाते हैं, जहाँ से आगे शटल/पैदल जाना होता है। घाट पर पहुँचने से पहले कई घंटे होल्डिंग एरिया में रुकना पड़ सकता है। सुबह अखाड़ों की शोभायात्रा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए स्नान खुलता है, और हर व्यक्ति को घाट पर बस कुछ ही क्षण मिलते हैं। इसलिए धैर्य, पानी और ज़रूरी सामान साथ रखें।

नासिक → त्र्यंबकेश्वर टैक्सी का quote
Call +91 83296 67898

सबसे ज़रूरी सलाह — ठहरने की बुकिंग अभी से सोचें

हर कुंभ में सबसे बड़ी दिक़्क़त यही होती है — रहने की जगह। नासिक और त्र्यंबकेश्वर के होटल, धर्मशालाएँ और टेंट महीनों पहले भर जाते हैं, और दाम कई गुना बढ़ जाते हैं। स्नान वाले दिनों के आसपास तो जगह मिलना और भी मुश्किल हो जाता है।

एक समझदारी भरा विकल्प — शिर्डी को अपना ठिकाना बनाएँ

बहुत कम लोग यह सोचते हैं: शिर्डी नासिक से सिर्फ़ करीब 90 किमी (2 घंटे) दूर है। कुंभ के दिनों में जब नासिक-त्र्यंबकेश्वर में कमरे मिलना मुश्किल और महँगा हो, तब आप शिर्डी में आराम से, किफ़ायती दाम पर रुक सकते हैं — और स्नान वाले दिन कैब से नासिक/त्र्यंबकेश्वर जाकर, दर्शन कर, वापस आ सकते हैं। ऊपर से बाबा साईं के दर्शन का लाभ अलग।

TripSaffron पर शिर्डी के verified hotels मिलते हैं — असली फ़ोटो, मंदिर से असली दूरी, और कोई छुपा शुल्क नहीं। कुंभ स्नान के दिनों के लिए नासिक–त्र्यंबकेश्वर आने-जाने की कैब की व्यवस्था भी पहले से हो जाती है। फ़ोन पर मराठी और हिंदी, दोनों में बात हो सकती है। पूरी रूट जानकारी के लिए नासिक → शिर्डी ट्रांसपोर्ट गाइड देखिए।

शिर्डी बुकिंग: tripsaffron.com/search?city=shirdi

कमरे और कैब — दोनों जल्दी भर जाते हैं
कुंभ के दिनों में होटल और शिर्डी→नासिक कैब, दोनों जल्दी बुक हो जाते हैं। तारीख़ तय होते ही बुक कर लें।

Was this helpful?

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नासिक कुंभ मेला 2027 कब है?
मुख्य शाही (अमृत) स्नान तिथियाँ — 2 अगस्त, 31 अगस्त, और 11–12 सितंबर 2027। पूरा आयोजन 31 अक्टूबर 2026 (ध्वजारोहण) से 24 जुलाई 2028 तक चलता है।
सबसे पावन स्नान तिथि कौन-सी है?
31 अगस्त 2027 (श्रावण अमावस्या) — पूरे कुंभ का आध्यात्मिक दृष्टि से सबसे पावन और सबसे भीड़भाड़ वाला दिन।
नासिक कुंभ कहाँ होता है?
दो पवित्र स्थलों पर — रामकुंड (नासिक, पंचवटी) और कुशावर्त कुंड (त्र्यंबकेश्वर), जो करीब 28–30 किमी दूर हैं। अलग-अलग अखाड़े अलग-अलग स्थलों पर स्नान करते हैं।
2027 के बाद अगला कुंभ नासिक में कब होगा?
नासिक सिंहस्थ कुंभ हर 12 साल में होता है। 2027 के बाद अगला 2039 में।
क्या कुंभ में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
नहीं — प्रवेश निःशुल्क है और किसी रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं। पर ठहरने और आने-जाने की बुकिंग महीनों पहले से कर लेना ज़रूरी है।
कुंभ 2027 में कहाँ रुकें?
नासिक और त्र्यंबकेश्वर के होटल जल्दी भर जाते हैं और स्नान के दिनों के आसपास दाम कई गुना बढ़ जाते हैं। समझदारी भरा विकल्प — शिर्डी में रुकें (~90 किमी, 2 घंटे) और स्नान वाले दिन कैब से नासिक/त्र्यंबकेश्वर जाएँ।

निष्कर्ष

नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 एक बार बारह साल में आने वाला दुर्लभ अवसर है — 2 अगस्त, 31 अगस्त और 11–12 सितंबर 2027 की तिथियाँ अभी से नोट कर लें। पर सिर्फ़ तारीख़ जानना काफ़ी नहीं; असली समझदारी है समय रहते ठहरने और आने-जाने की योजना बनाना। शिर्डी को अपना आरामदायक ठिकाना बनाएँ, कमरा और कैब पहले से बुक करें, और इस पावन डुबकी का पूरा पुण्य लें। आपकी यात्रा मंगलमय हो। 🚩

सबसे ज़्यादा पढ़ी जाने वाली

यह भी पढ़ें

YATRA GUIDES

Researched for Yatris, not tourists.

Walking distances, darshan timings, where to stay, and how to reach — every yatra question, answered.

Browse guides